दबंगों के आगे छपिया पुलिस हुई लाचार, मामूली धारा में दर्ज किया एफआईआर

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पीड़ित ने सीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

ए.आर.उस्मानी
गोण्डा। जनपद के छपिया थाना अन्तर्गत ग्राम धुसवा तप्पा हथिनी  में जमीन विवाद को लेकर राजमन मौर्या को उसके विरोधियों द्वारा लाठी डन्डा  से बुरी तरीके से पीटकर अधमरा कर दिया गया। इस  घटना में छपिया पुलिस मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले को रफा दफा करने की कोशिश में जुट गयी है। उधर पीड़ित को जान से मारने की धमकी उसके विरोधियों द्वारा दी जा रही है, जिसको लेकर पीड़ित ने जनसुनाई पर शिकायत कर मुख्यमंत्री से जानमाल की सुरक्षा की गुहार करते हुए उचित धाराओं में मुकदमा लिखाए जाने की मांग की है ।
  


      

           बताया जाता है कि राजमन मौर्या पुत्र रामफेर निवासी धुसवा तप्पा हथिनी थाना छपिया का अपने पड़ोसी मायाराम पुत्र संतराम से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते 20 जुलाई 2017 को पीड़ित राजमन मौर्या अपने घर पर टीना रख रहा था कि विपक्षी मायाराम द्वारा टीना रखने से मना किया गया। इसी बात को लेकर मायाराम परिवार सहित मारने पीटने लगा। पीड़ित किसी तरह से अपनी जान बचाते हुए मोबाईल से स्थानीय पुलिस चौकी मसकनवां पर फोन कर सूचना दी, जिस पर मसकनवां चौकी प्रभारी संजीत सिंह दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों का नाम नोटकर अगले दिन मसकनवां चौकी पर आने की बात कहकर वापस चले गये।

 

मसकनवां पुलिस के वापस जाने के लगभग एक घन्टे बाद पीड़ित राजमन मौर्या चाय पीने मनकापुर से बभनान रोड के विश्नोहरपुर गांंव के पास आया था कि विपक्षी मायाराम व विजय ने उस पर लाठी डण्डों से हमला कर दिया। इस हमले में उसके सिर, कान, हाथ सहित पूरे शरीर पर गंंभीर चोटें आयीं। पीड़ित को किसी तरह परिवार वाले स्थानीय थाना छपिया ले गये। वहां काफी प्रयास के बाद छपिया पुलिस द्वारा  मेडिकल कराते हुए मामूली धाराओं 323 व 504 आईपीसी के तहत मुकदमा लिखकर मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया। इधर पीड़ित राजमन मौर्या को उसके विरोधियों द्वारा यह कहते हुए जान से मारने की धमकी दी जा रही है कि इस बार किसी तरीके से बच गये हो, लेकिन दोबारा जान से हाथ धोना पड़ेगा।आरोप है कि दबंग विपक्षियों द्वारा धमकाया जा रहा है कि अगर दोबारा पुलिस में शिकायत किए तो ठीक नहीं होगा। राजमन के अनुसार विपक्षी उसे तथा उसके बेटे को जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। इस धमकी को लेकर स्थानीय पुलिस से पीड़ित राजमन मौर्या मिला और जानकारी भी दी, लेकिन छपिया पुलिस कानों में तेल डाले हुए है। उसका कहना है कि मुकदमा उचित धाराओं में ही लिखा गया है। जबकि, धारा 323 व 504 में पुलिस हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। इस बात को अधिकांश लोग जानते हैं। हां, पुलिस मुफ्त में सलाह जरूर देती है। वह कहती है कि अगर मामले में विवेचना कराना  चाहते हो तो अदालत से आदेश कराओ, तभी विवेचना होगी।
पीड़ित राजमन मौर्या का परिवार इतना डरा सहमा है कि घर से बाहर नहीं निकल रहा है। राजमन मौर्या के  एक ही लड़का है। इससे वह और भी ज्यादा विरोधियों की धमकी से डरा सहमा है। विरोधियों द्वारा बराबर मिल रही धमकी से काफी परेशान राजमन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे घटनाक्रम का पुलिंदा भेजा है और न्याय दिलाने की गुहार की है।

मेडिकल रिपोर्ट में दिखाई गयी चोटों को पुलिस ने किया नजरंदाज़

         छपिया थाना पुलिस द्वारा पीड़ित का मेडिकल भी कराया गया था। रिपोर्ट में चिकित्सक ने 8 चोटों की पुष्टि भी की है, लेकिन इसके बावजूद उचित धाराओं में मुकदमा लिखने में इतनी असहाय क्यों है छपिया पुलिस ? हालांकि, राजमन मौर्या द्वारा सीएम के  जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संंख्या 40018317004964 के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की गयी है कि उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराते हुए दोषियों की गिरफ्तारी करायी जाय, जिससे होने वाली किसी अनहोनी घटना से रक्षा हो सके।

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