अब यूपी में लाउडस्पीकर लगाने के लि‍ए लेनी होगी प्रशासन से अनुमति

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हाईकोर्ट के निर्देश पर हरकत में आई योगी सरकार

ए. आर. उस्मानी 
लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने ध्वनि प्रदूषण नियमों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिये हैं। 
      राज्य के गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने आज यहां बताया कि जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सभी स्थानों में लगे लाउड स्पीकरों को चिन्हित किया जाए। सर्वेक्षण कर यह पता लगाया जाए कि क्या लाउडस्पीकर लगाने से पहले उसकी अनुमति ली गयी या नहीं। बगैर अनुमति लाउडस्पीकर लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर लगाने के लि‍ए सभी मानकों का पालन किया जाएगा। 



       सरकार ने 10 पृष्ठ का लाउडस्पीकर के सर्वेक्षण का प्रोफार्मा जारी किया है। इसमें स्थायी रूप से लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत लेने का फॉर्म और जिन लोगों ने लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत नहीं ली है, उनके खिलाफ की गयी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देने को कहा गया है।
   बताते चलें कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने 20 दिसंबर को राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए यह पूछा था कि क्या प्रदेश के मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरिजाघरों एवं अन्य सभी सरकारी स्थानों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों के लिए अनुमति ली गयी है? अदालत की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों एवं अन्य सरकारी स्थानों पर बिना सरकारी अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने पर सख्त ऐतराज जताया था।
       अदालत ने प्रमुख सचिव गृह एवं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को यह सारी सूचना अपने व्यक्तिगत हलफनामे के जरिए एक फरवरी 2018 तक पेश करने का आदेश दिया था। अदालत ने दोनों अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने की स्थिति में दोनों अधिकारी अगली सुनवायी के समय व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहेंगे।
     
* जनहित याचिका पर कोर्ट ने पारित किया था आदेश

स्थानीय वकील मोतीलाल यादव की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने 20 दिसंबर को यह आदेश पारित किया था।

* रात 10 से सुबह 6 बजे तक नहीं किया जा सकता लाउडस्पीकरों का प्रयोग

ध्वनि प्रदूषण नियमन एवं नियंत्रण नियम, 2000 में यह प्रावधान है कि ऑडिटोरियम, कांफ्रेंस रूम, कम्यूनिटी हॉल जैसे बंद स्थानों को छोड़कर रात 10 बजे से प्रातः छह बजे तक लाउडस्पीकरों का प्रयोग नहीं किया जायेगा। हालांकि राज्य सरकार को यह छूट है कि वह एक कैलेन्डर वर्ष में अधिकतम 15 दिनों के लिए सांस्कृतिक या धार्मिक अवसरों पर रात 10 बजे से रात 12 बजे के बीच ध्वनि प्रदूषण कम करने की शर्तों के साथ लाउडस्पीकर बजाने की छूट दे सकती है।

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