हाईटेंशन तार की चपेट में आने से बालक की मौत

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बुझ गया घर का चिराग, दो भाइयों के बीच अकेला था सूरज

डॉ.ओपी भारती
गोण्डा। झंझरी ब्लाक के पास एक घर की छत पर बालक की हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गयी। वह महज चार वर्ष का था। इस मौत की वजह बिजली विभाग की लापरवाही बतायी जाती है। हादसे से लोगों में गम और बिजली विभाग के प्रति काफी गुस्सा है। 



          यह दर्दनाक हादसा शनिवार की सुबह हुआ। कुलदीप कसौंधन का इकलौता पुत्र सूरज ( 04 वर्ष ) खेलते हुए पता नहीं किस बीच छत पर चला गया। बताया जाता है कि वह छत के ऊपर से गुजर रहे हाइटेंशन बिजली के तार की चपेट में आ गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। काफी देर तक सूरज घर में नज़र नहीं आया, तो उसकी माँ उसे खोजते हुए छत पर पहुँची और वहां का नजारा देखकर वह अवाक् सी रह गयी। उसने देखा कि उसके कलेजे का टुकड़ा सूरज बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है। सूरज की माँ उसको लेकर चिल्लाती हुए नीचे भागी। घर वाले उसे शहर के एक नर्सिंग होम पर ले गए, जहाँ पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे से परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया।
       बताया जाता है कि कुलदीप और संदीप दो भाइयों के बीच में यही एक कुल का चिराग था, जो रक्षाबंधन के दो दिन पहले ही बुझ गया। सूरज की मौत से घर में मातम और कोहराम मचा हुआ है। घर वालों का रो – रोकर बुरा हाल है।

मकानों के ऊपर हाईटेंशन लाइन के तारों का जाल
मकानों के ऊपर हाईटेंशन लाइन के तारों का जाल

शिकायत के बावजूद नहीं चेत रहा विद्युत विभाग

      घरों के ऊपर से गुज़र रहे हाईटेंशन तारों को हटाने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, मगर तार हटवाने को कौन कहे, विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने इधर झांकना भी मुनासिब नहीं  समझा। अभी कितनी और मौतों के इंतज़ार में है विद्युत विभाग ? इतने बड़े हादसे की वजह सिर्फ और सिर्फ विद्युत विभाग द्वारा बरती जा रही घोर लापरवाही है। शायद उसे अभी और मौतों का इंतजार है !

घेरे में हाईटेंशन लाइन का तार
घेरे में हाईटेंशन लाइन का तार

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